क्या आप जानते हैं हरियाणा में है विश्व का सबसे बड़ा हुक्का

तो दोस्तों आज आपको हम बताते हैं हरयाणा के सबसे बड़े हुक्का के बारे में; ये हुक्का कुरूक्षेत्र विश्वविद्याल को साल 2005 में यह हुक्का दान में मिला था। हरियाणा के जिला सोनीपत, गांव गोहाना निवासी 65 वर्षीय सावित्री मलिक ने इस हुक्के को दान में विश्वविद्याल को दिया था। लोग बताते हैं की कि इस हुक्के को सावित्री मलिक ने अपने मायके से अपनी ससुर के लिए लाया था। साल 2005 से विश्वविद्यालय में इस हुक्के को संभाल कर रखा गया है। कुरुक्षेत्र में आने वाले पर्यटक इस हुक्के को देखना नहीं भूलते। लगभग सौ साल पुराने इस हुक्के की और कई खासियत है। बताया गया कि इसमें 1 किलो तंबाकू यानि पात एक ही बार में डाला जाता है। साथ ही इसमें एक बार में 32 लीटर पानी डाला जाता। इसमें एक साथ 2 लोग हुक्का पी सकते हैं। हुक्के पाईप चारों तरफ राउंड हो सकती है।
यहाँ तक की पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह और पूर्व डिप्टी पीएम देवीलाल जैसी शख्सियतें इसमें कश लगा चुके हैं। खापों की पंचायतें हों या बड़ी राजनीतिक रैलियां, एक लंबे वक्त तक ये हुक्का भी उसमें पहुंचता रहा है।
खाप पंचायतो के कई फैसलों का गवाह बना यह हुक्का
1979 में चौधरी चरण सिंह जब पीएम बने तो दिल्ली में हुई विजयी रैली में देशभर से किसान पहुंचे थे। इन किसानों के बीच यह हुक्का रखा गया था, जिसे स्वयं चरण सिंह ने पिया था। ठीक इसी तरह हरियाणा के किसानों की दूसरी विजयी रैली 1990 में देवीलाल के डिप्टी पीएम बनने पर दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुई थी। उस वक्त भी ये हुक्का वहां था। यही नहीं दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में जब-जब खापों की बड़ी पंचायतें हुईं हैं, यह हुक्का वहां फैसलों का गवाह बना।