जाट के खेत में टयूबवेल

 

जाट ने खेत में टयूबवेल लगवाना था !
सोचा कि पंडित जी से पूछ लू कि पानी कहां होगा !
पंडित जी ने सारे खेत में घूम कर एक कोने में हाथ रख दिया और बोला कि यहां टयूबवेल लगा ले और 1100 रु. ले लिये !
जाट बेचारा भुरभुरे स्वभाव का था !
पंडित जी से बोला,”मैं बहुत खुश हूं…आप मेरे घर खाना खाने आओ !
पंडित ने सोचा कि फंस गई सामी आज तो… और हां कर दी !
जाट घर जा कर जाटणी से बोला,” पंडित जी जिम्मण आवेंगे पकवान बना ले और एक कटोरी में नीचे देसी घी और उपर बूरा घाल दिये !
जाटणी बोली कि घी तो उपर होता है!
जाट बोला कि आज तू घी नीचे रखिये !
पंडित जी आ गये और बूरे वाली कटोरी देख कर बोले ,” जाट भाई इसमें घी तो है ही नहीं !
जाट ने चप्पल निकाल के एक धरी पंडित के कान के नीचे और बोला,” तन्नै खेत में 250 फुट नीचे का पानी देख लिया…कटोरी में 2 इंच नीचे घी नी दिक्खया !