जीवन परिचय; रणवीर सिंह दहिया और उनका हरयाणवी कविता संग्रह

 


जिला रोहतक के गांव बरोणा में 11 मार्च 1950 को जन्म। 1971 में एम. बी.बी.एस तथा 1977 में एम.एस की। सामाजिक बदलाव के कार्यों में नेतृव्य। हरियाणवी में कहानी एवं उपन्यास लेखन। समसामयिक विषयों और जन-नायकों पर सैंकड़ो रागनियां व किस्सों की रचना। मेहरसिंह, बाजे भगत, सफदर, उधम सिंह, आंडी सद्दाम, नया दौर विशेष तौर पर चर्चित। भगवद दयाल चिकित्सा विश्वविधालय, रोहतक में वरिष्ठ प्रोफेसर के पद पर कार्यरत।


रणवीर सिंह दहिया की रचनाएँ


संग्रह

  • किस्सा फौजी मेहर सिंह / रणवीर सिंह दहिया
  • किस्सा चन्द्रद्रशेखर आजाद / रणवीर सिंह दहिया
  • किस्सा 1857 / रणवीर सिंह दहिया
  • किस्सा अंडी सद्दाम / रणवीर सिंह दहिया
  • किस्सा झलकारी बाई / रणवीर सिंह दहिया
  • किस्सा ऊधम सिंह / रणवीर सिंह दहिया

हरियाणवी रचनाएँ


रागनी एक कौरवी लोकगीत विधा है जो आज स्वतंत्र लोकगीत विधा के रूप में स्थापित हो चुकी है। हरियाणा में मनोरंजन के लिए गाए जाने वाले गीतों में रागनी प्रमुख है। यहां रागनी एक स्वतंत्र व लोकप्रिय लोकगीत विधा के रूप में प्रसिद्ध है। हरियाणा में रागनी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं व सामान्य मनोरंजन हेतु रागनियां अहम् हैं। सांग (लोकनाट्य विधा) का आधार रागनियों ही थी। सांग धीरे-धीर विलुप्त हो गए तत्पश्चात रागनी एक स्वतंत्र एवं लोकप्रिय लोकगीत विधा के रूप में स्थापित हुई।

इस पृष्ठ पर हरियाणा के प्रसिद्ध रचनकारों की रागनियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं।

हरियाणवी रागनियाँ

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