म्हारी बोली सीख के दिखा दो

कम्बल के बाल न लफूसडा कह दयां,
जुत्यां न हम खोसडा कह दयां
नुक्सान होवे तो याता कह दयां
शादी-शुदा न ब्याहता कह दयां

सास न हम सासू कह दयां
आच्छे मानस न धांसू कह दयां
अर ख़त न कह दयां चिठ्ठी- चाठी,
धुन का पक्का कुहावे ठाठी

केले को हम केळा कह दयां,
मेले को हम मेळा कह दयां
छोरी न हम टिंगरी कह दयां
छेड़खानी न टिगली कह दयां
किते काम बिगड़े तो मठ मर ज्यां सै
म्हारी बोली तै लठ गड़ ज्या सै

पैसे न हम पिस्से कह दयां
आनंद न हम जीसे कह दयां
अर कह दयां बीडी-बाड़ी हम
दोस्त न कह दयां याडी हम

म्हारी बोली म्हारी सै,
सब बोलियां तै न्यारी सै
सबके बस की ना सै या
कोरी धमकी ना सै या
इसका व्याकरण टेढ़ा सै
इसके सारे बोल कोए लिख के दिखा दयो
जिसमे सै दम,

जो ना कतरावे डाकी कह दयां
खिड़की न हम झाखी कह दयां
टेढ़े न हम झोल कह दयां
थप्पड़ न हम धोल कह दयां
कालिये न हम भुंडा कह दयां
गंजे न हम रुंडा कह दयां
ह्म्भे माहरी हाँ होवे सै
अह म्हारी ना होवे सै

म्हारा कहना म्हारा सै
कडवा पानी खारा सै
म्हारी धोती क भी लांगड होवे
लठ लेरे तो बांगड़ होवे
सबके बसकी ना सै या
कोरी धमकी ना सै या

और जो प्यार करे अपनी बोली तै
कसुती ठाल शेयर करके बता दयो
कोए इसके आगे टिक ना सकदा
रर म्हारी बोली सीख के दिखा दियो