हरियाणवी कविता: ध्यान लगाकै सुणिये बेटा / रणवीर सिंह दहिया

 


ध्यान लगाकै सुणिये बेटा कहै बाबू नन्दराम तेरा।।
लंदन आले राज करैं सैं हो लिया देश गुलाम तेरा।।
मास्टर धोरैे ईस्ट इन्डिया का तनै नाम सुण्या होगा।
इमदाद करैं व्यापार फैला कै उनका काम सुण्या होगा।
कारीगरां के हाथ कटा दिये किस्सा आम सुण्या होगा।
गद्दारां मैं मुरब्बे बांटे यो हाल तमाम सुण्या होगा
भगतसिंह फांसी तोड़या हे भारत माता जाम तेरा।।
जो बढ़िया थी चीज म्हारी ये लेगे लन्दन मैं ठाकै
राज के उपर कब्जा करगे हम देखैं मुंह नै बाकै
मलमल खादी खत्म करे म्हारे आपस मैं सिर फुड़वाकै
तुरत आंख फुड़ाई चले जो उनकी तरफ लखाकै
बन्दर बांट इसी मचाई कर दिया काम तमाम तेरा।।
फौज मैं बेटा डरिये मतना बनिये वीर सिपाही तूं
तोप चलाइये दुश्मन पै करिये गात समाई तूं
भारत मैं आजादी ल्याकै करिये सफल कमाई तूं
कदम बढ़ा मत उल्टा हटिये ना खाइये नरमाई तूं
घाल दिये घमशान सरहद पै, होज्या रोशन गाम तेरा।।
आजादी अनमोल चीज सै शहीदों को है मेरा सलाम
सुखदेव भगतसिंह राजगुरु ये देरे देख तनै पैगाम
तन मन धन दिये वार मेहरसिंह इतना करिये मेरा काम
रणबीर सिंह नै गीत बनाया दोनों का सै बरोना गाम
प्रेम कौर कै बस्या रहै सै हरदम दिल मैं नाम तेरा।।


रागनी एक कौरवी लोकगीत विधा है जो आज स्वतंत्र लोकगीत विधा के रूप में स्थापित हो चुकी है। हरियाणा में मनोरंजन के लिए गाए जाने वाले गीतों में रागनी प्रमुख है। यहां रागनी एक स्वतंत्र व लोकप्रिय लोकगीत विधा के रूप में प्रसिद्ध है। हरियाणा में रागनी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं व सामान्य मनोरंजन हेतु रागनियां अहम् हैं। सांग (लोकनाट्य विधा) का आधार रागनियों ही थी। सांग धीरे-धीर विलुप्त हो गए तत्पश्चात रागनी एक स्वतंत्र एवं लोकप्रिय लोकगीत विधा के रूप में स्थापित हुई।

इस पृष्ठ पर हरियाणा के प्रसिद्ध रचनकारों की रागनियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं।

हरियाणवी रागनियाँ

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