हरियाणवी रागनियाँ

हरियाणवी साहित्य लिपिबद्ध न होने के कारण नगण्य ही माना जाता है लेकिन हरियाणवी लोक-साहित्य बहुत समृद्ध है। हरियाणवी लोक साहित्य में हरियाणवी किस्से कहानी लोक कथाओं का विशेष महत्व है। लोक-कथाएं प्राचीन काल से प्रचलित हैं और आज भी देहात में चौपालों पर, सामान्य बातचीत में इनका समावेश सहज ही पाया जा सकता है। … Continue reading हरियाणवी रागनियाँ