हरियाणा में दिव्यांगों, बुजुर्गों व विधवाओं की पेंशन एक जनवरी, 2018 से 1800 रुपये कर दी जाएगी, जो देशभर में सर्वाधिक होगी।

हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा के तहत सर्वाधिक 1600 रुपए मासिक पेंशन दी जा रही है। अगले साल जनवरी, 2018 से यह राशि 1800 रुपए और वर्ष 2019 में यह 2000 रुपए हो जाएगी।

एक तरफ जहाँ ये एक प्रशंशीय कदम है वहीँ हल ही के दिनों में पेंशनों में चल रही गड़बड़िओं ने हरियाणा के लोगों को विचलित किआ है। हरियाणा में हाल ही में 3 लाख से ज्यादा पेंशनर्स की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद हुई  है . हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी डॉ. अशोक खेमका ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बडा़ फर्जीवाड़ा पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि करीब 1.80 लाख मामले ऐसे मिले, जिनमे एक ही आधार नंबर पर कई-कई लोगों को पेंशन दी जा रही थी।
जबकि 26 हजार से ज्यादा ऐसे लोग भी मिले जो हरियाणा के मूल निवासी होकर दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। करीब 45 हजार से ज्यादा पेंशनर्स ऐसे भी मिले जिन्होंने अपने आधार नंबर ही विभाग को नहीं दे रखे थे। इन गड़बडिय़ों के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने करीब 3.22 लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन अगस्त महीने से ही रोक दी है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जुलाई माह में 24,23,350 पेंशनर्स को 382 करोड़ 34 लाख 89 हजार 800 रुपए की पेंशन दी गई थी। जबकि अगस्त में करीब 3.22 लाख लोगों की पेंशन रोकने के बाद 21,21,893 लोगों को 334 करोड़ 55 लाख 86 हजार 900 रुपए की पेंशन राशि दी गई। इस तरह पेंशन में हर महीने करीब 50 करोड़ रुपए का खेल हो रहा था। एक साल में यह रकम लगभग 600 करोड़ रुपए होती है।

  • 2316944 पेंशनर्समार्च, 2017 तक पंजीकृत थे
  • 1038314पेंशनर्सके ही आधार नंबर वेरिफाइड हुए
  • 936495पेंशनके नाम आधार कार्ड और विभागीय रिकॉर्ड में मैच नहीं कर रहे हैं।
  • 179190पेंशनर्सऐसे हैं जिनमें एक ही आधार नंबर कई बार यूज
  • 91914पेंशनर्सऐसे हैं जिनकी आधार संख्या गलत दर्ज की गई है
  • 45117पेंशनर्सऐसे भी हैं जिन्होंने अभी तक भी अपना आधार नंबर नहीं दिया है।
  • 26634पेंशनर्सऐसे हैं जो दूसरे राज्यों से संबंध रखते हैं। इनसे हरियाणा का मूल निवास प्रमाण मांगा गया है।

पेंशन में बड़ी बजट राशि खपने की वजह से प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में ज्यादा सचेत हैं। इसलिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अब प्रत्येक पेंशनर्स का ई-केवाईसी करवाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रत्येक पेंशनर्स से हर साल जनवरी से मार्च के बीच एक फार्म भरवाया जाएगा। इसके लिए पेंशनर्स को 10 रुपए का शुल्क भी देना होगा। इस फार्म में आवेदक को अपनी आयु बताने के साथ ही यह भी घोषित करना होगा कि वह पेंशन लेने के लिए योग्य है। इसके साथ ही उनका बायोमैट्रिक अंगूठा और आंखों की पुतली का निशान भी लिया जाएगा। इससे उनका वेरिफिकेशन हो जाएगा कि लाभार्थी वास्तव में जीवित है। बाद में 10 रुपए का शुल्क उसे पेंशन के साथ वापस कर दिया जाएगा। ई-केवाईसी में उससे यह घोषणा भी कराई जाएगी कि अगर उसके द्वारा दिए गए तथ्य गलत पाए गए तो उससे दोगुनी राशि की वसूली के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी।

हम उम्मीद करते है की हरियाणा सरकार सिर्फ मन  लुभावन  बातें व् योजनाए ही नहीं बल्कि योजना का निर्वहन भी पूरी ईमानदारी से करे व् करवाए।

बिल का झंझट खत्म होगा, सब्सिडी से छत पर लगाइए सोलर पावर प्लांट

 

आप बढ़ते बिजली के खर्च से परेशान हैं तो इसकी चिंता छोड़ दीजिए। अब खुद बिजली बनाइए और बिजली निगम को तय कीमत में बेच दीजिए। सुनने में तो यह अटपटा लगेगा, लेकिन सरकार लोगों को कुछ ऐसी ही सुविधा दे रही है। अक्षय ऊर्जा विभाग के माध्यम से ग्रिड कनेक्टिंग पावर प्लांट योजना शुरू हुई है। इसमें घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली पैदा की जाएगी। प्लांट लगाने को सरकार 30 प्रतिशत या कम से कम 20 हजार रुपये प्रति किलोवाट की सब्सिडी भी देगी।

सौर ऊर्जा से पैदा की गई बिजली की यूनिटों को वापस बिजली निगम को बेचकर आप महीने में काफी रुपये बचा सकते हैं। बिजली निगम आपके द्वारा दी गई यूनिटों का भुगतान निर्धारित 6 से 7 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करेगा। योजना में 1 किलोवॉट से 500 किलोवॉट तक प्लांट स्थापित किया जा सकता है। मगर लोग अपने घर पर बिजली कनेक्शन के लोड की क्षमता तक का ही प्लांट स्थापित कर सकते हैं। जैसे किसी ने बिजली निगम से घर के लिए 2 किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है तो उसे 2 किलोवाट क्षमता का ही प्लांट लगाने की अनुमति मिलेगी।

हरियाणा राज्य सरकार ने रूफटॉप सौर प्लांट योजना की घोषणा की है और आवेदन ऑनलाइन माध्यम से आमंत्रित किए जा रहे हैं।

हरियाणा के लोग www.hareda.gov.in पर हरियाणा अक्षय ऊर्जा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से छत सौर संयंत्र स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नीचे ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने की पूरी प्रक्रिया है


Step 1: आधिकारिक वेबसाइट www.hareda.gov.in पर जाएं।
Step 2: दाहिनी ओर Apply Online बैनर पर क्लिक करें या सीधे इस लिंक पर जाएं।
Step 3: “लॉगिन” पर क्लिक करें और फिर “साइन अप” लिंक पर क्लिक करें।
Step 4: एक नया पृष्ठ खुल जाएगा, सभी अनिवार्य जानकारी भरें और “सबमिट करें” बटन क्लिक करें।
Step 5: “सबमिट करें” बटन पर क्लिक करने के बाद, आपको दिए गए मोबाइल नंबर पर एक OTP प्राप्त होगा, सही OTP दर्ज करें और “SUBMIT” पर क्लिक करें।
Step 6: आपका साइन अप पूरा हो गया है, अब छत सौर संयंत्र के लिए आवेदन करने के लिए लॉगिन करें


 

हरियाणा में छत सौर प्लैट योजना के तहत सब्सिडी
इस योजना के तहत राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में 30% बेंचमार्क लागत प्रदान कर रही है। सभी आवासीय, संस्थागत और सामाजिक क्षेत्र के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा 20000रु प्रति kwp निर्धारित की गयी है

रूफटॉप सौर प्लांट के क्या लाभ हैं

  • अपने बिजली बिल को 90% तक कम करें
  • 25 से अधिक वर्षों तक कोई मेंटेनन्स खर्च नहीं
  • 5 साल में आप के लगाये हुए पैसे की वापसी हो जाती है
  • कोई रखरखाव नहीं
  • लगभग 60000 रुपये- 75,000 प्रति kwp की लागत
  • बिजली बिलों में उत्पन्न कुल सौर ऊर्जा पर प्रति यूनिट -1.1.00 प्रति यूनिट तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन।
  • नेट-मीटरिंग सुविधा के माध्यम से ग्रिड को अतिरिक्त सौर बिजली की आपूर्ति करें।
  • सालाना 1500 इकाइयां kwp बिजली उत्पन्न कर सकते हैं।

छत पर सौर संयंत्र योजना की मुख्य विशेषताएं
– छत पर सौर संयंत्र लगवाने के लिए आपको लगभग 10 वर्ग  मीटर / kWp की आवश्यकता होगी।

– कोई processing/application fee नहीं।
– हरियाणा में कुछ श्रेणियों की इमारतों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना अनिवार्य है।
– इस योजना के तहत आपको अथॉरिटी से कोई स्वीकृति या अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

आप एमएनआरई या फिर हरियाणा सरकार के अनुमोदित चैनल भागीदारों में से किसी से भी अपनी छत पर सौर ऊर्जा सयंत्र लगवा सकते हैं. सौर ऊर्जा सयंत्र लगने वाली कम्पनियों की सूची www.hareda.gov.in और www.mnre.gov.in पर उपलब्ध हैं.
इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.hareda.gov.in पर आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

हरियाणा के किसानों को खेती की उन्नत तकनीक सीखा रहा है घरौंडा में स्थित इंडो – इजराइल सेंटर

दुनिया में सबको भरपेट खाना मिले और जो खेतों में उगाया जा रहा है उसे सुरक्षित रखा जा सके ये बहुत बड़ी समस्या है। अकेले भारत में हर साल बिना रखरखाव के अरबों रुपये का अन्न बर्बाद हो जाता है। कभी सूखे से बिना पानी फसलें सूख जाती हैं तो कभी बाढ़ के सैलाब में खेत के खेत बर्बाद हो जाते हैं। जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है, वैसे-वैसे मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में खेती और खाद्य सुरक्षा जरूरी होता जा रही है।

भारत ही नहीं दुनिया का लगभग हर देश इन समस्याओं से जूझ रहा है। लेकिन युवा किसानों का देश कहे जाने वाले इजरायल ने खेती से जुड़ी कई समस्याओं पर न सिर्फ विजय पाई है बल्कि दुनिया के सामने खेती को फायदे का सौदा बनाने के उदाहरण रखे हैं। अब इसी इजरायली तकनीक से हरियाणा में किसानो को न केवल सब्जियां उगाने की नयी दिशा दी है बल्कि पैदावार के नए आयाम छूने का मौका दिया है।

खड़ी या लंब (वर्टिकल) खेती, टपक (ड्रिप) सिंचाई, मृदा सौरीकरण और इसी तरह की कुछ और शब्दावलियों से 40 साल के किसान दीपक खातकर तब तक खासे परेशान थे जब तक कि वो दो साल पहले पहली बार सब्जियों की बेहतरी के लिए गठित भारत-इजरायल उत्कृष्ट केंद्र नहीं पहुंच गए। कौतूहल या जानने की इच्छा के चलते उन्होंने इजरायली खेती के कौशल को अपनाया और कुछ महीने के भीतर ही उत्पादन में उन्हें चौंकानेवाला पांच गुना तक का इजाफा देखने को मिला।

हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ से 145 किलोमीटर दूर स्थित छह हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस केंद्र को जनवरी 2011 में खोला गया। भारत सरकार ने छह करोड़ की लागत से इसकी स्थापना 2008 में भारत और इजरायल के बीच हुए कृषि सहयोग समझौते के तहत की थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर करनाल जिले के शेखपुरा खालसा गांव के खातकर कहते हैं, ‘हम लोग अपने खेतों में गेहूं और जौ की खेती परंपरागत तरीके से करते आ रहे थे लेकिन केंद्र पर जो तकनीक मैंने सीखी उसने मुझे सब्जी उत्पादन में हाथ आजमाने को बाध्य कर दिया।‘

करनाल में बागवानी के उपनिदेशक दीपक कुमार दत्तरवल ने कहा, 2010-11 में केंद्र खोले जाने के बाद उन्होंने 15,000 किसानों को प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने कहा, किसान बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि पारंपरिक फसलों मसलन गेहूं व धान के मुकाबले इसमें ज्यादा लाभ है। अन्य कारण मिट्टी का क्षरण, जमीन के आकार में सिकुडऩ और भूजल का गिरता स्तर है। हरियाणा सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल 44.23 लाख हेक्टेयर में से करीब 50 फीसदी क्षेत्र मिट्टी क्षरण, लवणता और जलजमाव आदि से समस्याग्रस्त है। साथ ही जरूरत से ज्यादा पानी के दोहन के चलते कुल 22 जिले में से 10 को पहले से ही डार्क जोन में रख दिया गया है। लेकिन इजरायल की तकनीक के फायदे और बढ़ते लाभ के बावजूद हरियाणा में बागवानी में तेज रफ्तार से इजाफा नहीं हो रहा है। किसानों व विशेषज्ञों ने कहा कि यह मुख्य रूप से उच्च निवेश और इससे जुड़े जोखिम के चलते है। एक एकड़ में पॉलि हाउस स्थापित करने की लागत करीब 30 लाख रुपये है, जिसमें से 65 फीसदी हरियाणा सरकार से सब्सिडी मिलती है।

इस केंद्र में प्रशिक्षण के बाद एक किसान अवतार सिंह ने अपने खेत में पॉली हाउस स्थापित किया और आज खीरा और शिमला मिर्च की पैदावार खुले खेत के मुकाबले चार गुना बढ़ गई है। साथ ही आय में भी चार गुने का इजाफा हुआ

चार साल पहले हरियाणा के कैथल जिले के 42 वर्षीय किसान अवतार सिंह गुड़गांव से गुजर रहे थे तो उन्होंने पहली बार एक खेत में काफी ज्यादा पॉलि हाउस (उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पादों की रक्षा के लिए पॉलीथीन से बना घर) देखा। कुछ रिश्तेदारों से पूछताछ करने के बाद वह करनाल में 2010-11 में स्थापित इंडो-इजरायल परियोजना सेंटर एक्सिलेंस फॉर वेजिटेबल पहुंच गए। सिंह को वहां इजरायल की कृषि तकनीक, कम लागत वाली ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था और रोगमुक्त पौध बनाने के बारे में जानकारी मिली। उन्हें बिना सीजन वाली सब्जी उगाने का तीन दिन का प्रशिक्षण मिला। सिंह ने कहा, प्रशिक्षण के बाद हमने अपने खेत में पॉलि हाउस स्थापित किया और आज खीरा और शिमला मिर्च की पैदावार खुले खेत के मुकाबले चार गुना बढ़ गई है। साथ ही आय में भी चार गुने का इजाफा हुआ।



इजरायल के विशेषज्ञ लगातार केंद्र का दौरा करते रहते हैं और किसानों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण सत्र का आयोजन करते हैं। इसमे उन्हें ‘रक्षात्मक कृषि’ के बारे में जानकारी दी जाती है और बताया जाता है कि कैसे पानी और खाद का कम से कम इस्तेमाल करते हुए ज्यादा फसल उगाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ भी केंद्र का दौरा करते हैं। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट और पेशेवर लोगों को भी नाममात्र फीस में गुणवत्तावाली सब्जियों के उत्पादन के बारे में पढ़ाया जाता है।

हरियाणा में घरौंडा में खोले गये इस सब्जी उत्कृष्टता केंद्र की सफलता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसी की तर्ज़ पर १६ नए सेण्टर खोलने का निर्णय लिया है।

यदि आप भी घरौंदा में इसरायली खेती की तकनीक सीखना चाहते है तो इस पते पर समपर्क कर सकते हैं।


Centre of Excellence for Vegetables
An Indo-Israel Project
Address: Opposite Liberty Shoes Company, National Highway-1, Gharaunda, Haryana 132114
Phone: 01748-251621
Email: cev.karnal@gmail.com, cev.gharaunda@gmail.com
Web: http://centreofexcellenceforvegetable.webs.com


 

घरेलु नुस्खे व् उपचार; कोलेस्ट्रॉल को घर बैठे करें जड़ से ख़तम

 

कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और हार्ट की प्रॉब्लम होना इन दिनों बहुत सुनने में आता है। पहले यह परेशानी अधिक उम्र में होती थी। लेकिन अब कम उम्र में ही कोलेस्ट्रॉल , ब्लड प्रेशर , डायबिटीज होना सामान्य सी बात हो गई है। इसके मुख्य कारण अधिक चिकनाई युक्तखाना , धूम्रपान , तनाव और कम शारीरिक गतिविधि आदि हैं। इन सब कारणों से खून में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। ये कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जम जाता है जो हार्ट की समस्या का कारण बनता है।

कोलेस्ट्रॉल एक तरह का फैट या लिपिड ( Lipid ) होता है जो लीवर बनाता है। ये शरीर की कार्यविधि के लिए जरूरी होता है। शरीर की हर कोशिका ( Cell ) को कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है चाहे वो कोशिका दिमाग की , दिल की , लीवर की हो या मांसपेशी और त्वचा की । कुछ जरुरी हार्मोन्स भी इसकी मदद से बनते है।  जब रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा  निर्धारित स्तर तक होती है तो किसी प्रकार की समस्या नहीं होती रक्त आसानी से नसों और धमनियों में दौड़ता रहता है। लेकिन जब रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो जाती है तो ये नसों और धमनियों में जमना शुरू हो जाता है। इस वजह से हार्ट प्रॉब्लम होने लगती है ।

कोलेस्ट्रॉल लगभग तीन प्रकार का होता है

एल.डी एल. कोलेस्ट्रॉल – यह हानिकारक कोलेस्ट्रॉल रक्त वाहिकाओं  में जमता रहता है, जिस से  वे भीतर से
संकरी हो जाती है और उनमें दौडने वाले खून के प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने से हार्ट अटैक व् हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बिमारिओं का खतरा भाड़ जाता है। ये कोलेस्ट्रॉल सिर्फ दिल के लिए ही नुकसान देह नहीं है बल्कि ये दिमाग , किडनी ,आंतों आदि की रक्त वाहिकाओं में भी रक्त का बहाव अवरुद्ध करके उन्हें क्षति पहुंचा सकता है।

एच.डी.एल. कोलेस्ट्रॉल – यह लाभदायक कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। खून में इसका सही सत्तर बना रहने से हृदय रोगो की सम्भावना काम हो जाती हैं। यह ख़राब और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बहार निकलने में मदद करता है।

ट्राइग्लिसराइड कोलेस्ट्रॉल – ट्राईग्लाइसराइड वो फैट होते है जो हमारा शरीर उस समय ताकत देने के लिए बचा कर रखता है जब हम कुछ नहीं खाते। ये भोजन से मिली अतिरिक्त कैलोरी है जिसकी इस वक्त जरूरत नहीं है लेकिन बाद में जरूरत हो सकती है। जरूरत के समय इस फैट से एनर्जी मिल सकती है। हम जितनी कैलोरी ले रहे है उतनी नहीं जलाते तो रक्त में ट्राईग्लाइसराइड की मात्रा बढ़ जाती है। यह भी शरीर के लिए हानिकारक होता है। विशेषकों के अनुसार हार्ट अटैक जैसी घम्बिर बीमारी में इसका योगदान सबसे ज्यादा रहता है .

कोलेस्ट्रॉल की सही मात्रा का स्तर इस प्रकार है :

कोलेस्ट्रॉल या लिपिड प्रोफ़ाइल की जांच खाली पेट करवानी  चाहिये। इस जांच के अनुसार कोलेस्ट्रॉल जितना होना चाहिए उस स्तर पर है तोबहुत अच्छा है। यदि आप खतरे की सीमा में आते है तो आपको अपने खाने पीने और दिनचर्या में बदलाव की जरूरत हो सकती है। यदि आप खतरनाक स्तर में है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हो सकता है आपको कुछ दवाएँ खानी पड़े।

होना चाहिए खतरे की सीमा खतरनाक
कोलेस्ट्रॉल  < 200 mg /dl 200-239 mg/dl > 240 mg/dl
ट्राईग्लाइसराइड < 150 mg /dl 150-199 mg/dl > 200 mg/dl
एच डी एल HDL > 60 mg/dl 40-60   mg/dl  < 40 mg /dl
एल डी एल  LDL < 100 mg/dl 130-159 mg/dl > 160 mg/dl

तो दोस्तों हमने ये तो जान लिए की कोलेस्ट्रॉल आखिर है क्या और ये हमारे शरीर के लिए कितना नुकसानदायक है। अब हम आपको बताते हैं की कैसे घर बैठे बस कुछ खान पान में बदलाव से आप कोलेस्ट्रॉल को काम कर सकते हैं और निरोगी शरीर पा सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के आसान उपाय:

  1. दोस्तों फल व् सब्जिआ खूब खाये क्योकि इनमे प्रचुर मात्रा में रेशा होता है। हरी पत्तेदार सब्जिआ व् उनका जूस पियें। टमाटर, गाजर, सेवफ़ली, नारंगी, पपीता इतियादी का सेवन करें क्यूंकि इनमे रेशे की मात्रा अधिक व् फैट की मात्रा बहुत ही कम रहती है।
  2. साबुत अनाज,भूरे चावल,जौ,सोयाबीन का उपयोग करना अत्यदिक लाभकारी है। विशेष कर सोयाबीन में उच्च कोटि का प्रोटीन होता है। आलू और चावल में कोलेस्ट्रॉल और सोडियम नही होते है इसीलिए खाने में इनकी अनदेखी नहीं करनी चाइये।
  3. एक अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है की काली और हरी चाय का उपयोग भी कोलेस्ट्रॉल के नियंतरण में अत्यधिक लाभकारी है। ज्यादा चाय पीने वाले लोगों को हार्ट अटैक होने की सम्भावना काम रहती हैं। लेकिन यद् रहे की चाय बिना दूध व् शकर की हो तभी फायदा मिलेगा।
  4. तेल और वनस्पति घी में तली है वस्तुए खाने से भी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढता है इसलिए इनसे बचना चाहिए। दाल व् सब्जी का स्वाद मसलो से बढ़ाये न की तेल व् घी के प्रयोग से। अगर इनका इस्तमाल करें बी तो बहुत ही कम मात्रा में करें। हम आपको ये बी बताना चाहेंगे की जैतून का तेल कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में काफी मददगार है।
  5. लहसुन का प्रयोग करने से भी कोलेस्ट्रॉल घटता है। सुबह सुबह लहसुन की ३-४ कच्ची कलि चबा कर खाएं। लहसुन में खून को पतला करने के तत्व मौजूद होते हैं जो खून को गाढ़ा होने व् उसमे थक्के बनने से रोकते हैं। भोजन में बी प्रयाप्त मात्रा में लहसुन का प्रयोग करें। इसके अलावा कच्चा प्याज, अखरोट व् बादाम अदि भी समुचित मात्रा में सेवन में लाएं।
  6. मांस खाने से भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है इसीलिए शाकाहार को अपनाये। अपनी दैनिक दिनचर्या में शक्कर का इस्तेमाल भी काम से काम रखने की कोशिश करें।
  7. नियमित रूप से व्यायाम करने से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल में रहता है इसी लिए अपनी दिनचर्या में योग, प्राणायाम व् व्ययायाम को जितना जल्दी हो सके अपना लें।
  8. शोध से ये पता चला है की धनिया के बीज भी टोटल कोलेस्ट्रॉल को काम करने में मददगार हैं। धनिया के बीजों में ह्य्पोग्ल्य्सिमिक इफ़ेक्ट भी होते हैं जो मधुमेह जैसी बिमारिओं के निवारण में मदद देते हैं। इसका सेवन इस प्रकार करें : दो चमच धनिया के बीजों के पाउडर को एक कप पानी में मिलाएं ; अब इस मिश्रण को उबाल कर छान लें और दिन में दो बार सेवन करें। इसे आप दूध,इलाइची व् थोड़ी सी चीनी मिलकर चाय की तरह भी सेवन कर सकते हैं।
  9. सेब का सिरका भी हमारे शरीर में टोटल कोलेस्ट्रॉल व् ट्राइग्लिसराइड को काम करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह अन्य परेशानिओ जैसे एसिड रेप्लैक्स,उच्च रक्तचाप, गाउट व् साँस के संक्रमण को ठीक करने का अच्छा घरेलु उपचार मन जाता है। एक चमच आर्गेनिक एप्पल सीडर विनेगर को एक गिलास पानी में मिला कर दिन में दो बार सेवन करने से आपको अच्छे लाभ मिलेंगे।
  10. मछली के तेल में ओमेगा ३ फैटी एसिड होते हैं जो शरीर में जमी वासा और ट्राइग्लिसराइड को काम करते हैं। रोज़ लगभग २ से ४ ग्राम मछली के तेल का सेवन करें। यदि आप शाकाहारी हैं तो मछली के तेल की जगह अलसी के बीजों का सेवन करे जिनमे भरपूर मात्रा में ओमेगा ३ फैटी एसिड पाए जाते हैं।

होम्योपैथी इलाज़ : कई होम्योपैथिक डॉक्टर का सुझाव लेते हुए ऐसे रोगियों को जिनके रक्त में अधिक कोलेस्ट्रॉल है, निम्नलिखित होम्योपैथिक उपचार दिया जाता है जिससे 6 सप्ताह से लेकर 6 महीनों के बीच रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य हो जाती है ।

लाइकोपोडियम 80 और काडुअस एम. Q 5 बूंद भोजन के बाद पर्यायक्रम से। कुछ केसेज़ में बरायटा कार्बया बरायटा मूर भी सहायक है। उच्च रक्तचाप के साथ कोलेस्ट्राल की अधिकता वाले केसेज़ में बरायटा मूर एक तीर से दो शिकार करता है। अन्य केसेज़ में एंटिम क्रूड 30 या पल्साटिला 30 भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होते हैं।

 

कैसे करें आवेदन मुख्य मंत्री विवाह शगुन योजना मे

 

हरियाणा सरकार की इस योजना को बालिकाओं के सम्मान में लागू किया जा रहा है जीस से गरीब परिवारों और विधवाओं / निराश्रित महिलाओं, खेल से जूडी हुई महिला और अनाथ लड़कियां की शादी अच्छे  से सुनिश्चित की जा की सके। इस प्रयोजन के साथ, इस योजना के अंतर्गत बेटियों के विवाह के उत्सव के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को अनुदान दिया जाता है:

  • 51000 / – रुपये का अनुदान विधवाओं को प्रदान किया गया है (आय मानदंड; एक लाख से कम वार्षिक वेतन)। इसमें से 46,000 / – रुपये की राशि का भुगतान शादी के उत्सव या उससे पहले और रु। 5000 / – का भुगतान विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के 6 महीने के भीतर किया जाना है। यदि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र 6 महीनों के भीतर जमा नहीं किया गया है तो शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • 41000 / – रुपये का अनुदान गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले एससी / डीटी परिवारों तथा विधवाओं / तलाकशुदा / निराश्रित महिलाओं, अनाथ और निराश्रित बच्चों को प्रदान किया जाता है। (आय मानदंड ; 1 लाख से कम वार्षिक आय) । इसमें से 36,000 / – रुपये की राशि का भुगतान शादी के उत्सव में या उससे पहले किया जाएगा। 5000 / – का भुगतान विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के 6 महीने के भीतर किया जाना है। यदि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र 6 महीनों के भीतर जमा नहीं किया गया है तो शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • 11000 / – रुपये का अनुदान गरीबी रेखा के नीचे रहने समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों को (एससी के अलावा) और सभी वर्ग के परिवारों (एससी / बीसी सहित) को जिन की जमीन 5 एकड़ से कम हे! या जिनकी परिवार की वार्षिक आय 1,00,000 रुपये से कम है। इसमें से रुपये की राशि 10,000 / – का भुगतान शादी के उत्सव पर या इससे पहले और रु। 1,000 / – का भुगतान विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के 6 महीने के भीतर किया जाना है। यदि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र 6 महीनों के भीतर जमा नहीं किया गया है तो शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • 31000 / – रुपये का अनुदान खेल से जूडी हुई महिला (किसी भी जाति / किसी भी आय) को प्रदान की जाती है।

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पात्रता के नियम और शर्तें

  • निवास स्थान हरियाणा होना चाइये
  • दुल्हन की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • दूल्हा की 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र होनी चाहिए।
  • किसी व्यक्ति की 2 बेटियों तक के विवाह के लिए लाभ दिया जाता है।
  • विधवा / तलाक की महिला अपने ही विवाह के लिए लाभ ले सकती है, बशर्ते उसने इस लाभ को पहले नहीं लिया है।

प्रक्रिया

आवेदक www.haryanawelfareschemes.org पर शादी की तिथि से एक महीने पहले अपने ऑन-लाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं । जिला कल्याण अधिकारी अनुदान मंजूर करेगा और भुगतान आधार बैंक खाते से किया जाएगा। पेज में कॉलम भरने के अतिरिक्त बीपीएल राशन कार्ड, माता-पिता का बैंक खाता नंबर, लड़की और लड़के की आयु संबंधी सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके अलावा विवाह के कार्ड की प्रति भी अपलोड करनी होगी।

आवेदन अगर शादी की तारीख के बाद प्रस्तुत किया जाता है, तो शगुन की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारियों इस प्रकार हैं: –

  1. शादी के एक महीने तक: जिला कल्याण अधिकारी
  2. शादी के तीन महीने बाद तक: उपायुक्त
  3. शादी के 6 माह तक: संबंधित डिवीजनल आयुक्त

 

नोट: विवाह के 6 महीनों के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।