हरियाणा में दिव्यांगों, बुजुर्गों व विधवाओं की पेंशन एक जनवरी, 2018 से 1800 रुपये कर दी जाएगी, जो देशभर में सर्वाधिक होगी।

हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा के तहत सर्वाधिक 1600 रुपए मासिक पेंशन दी जा रही है। अगले साल जनवरी, 2018 से यह राशि 1800 रुपए और वर्ष 2019 में यह 2000 रुपए हो जाएगी।

एक तरफ जहाँ ये एक प्रशंशीय कदम है वहीँ हल ही के दिनों में पेंशनों में चल रही गड़बड़िओं ने हरियाणा के लोगों को विचलित किआ है। हरियाणा में हाल ही में 3 लाख से ज्यादा पेंशनर्स की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद हुई  है . हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी डॉ. अशोक खेमका ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बडा़ फर्जीवाड़ा पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि करीब 1.80 लाख मामले ऐसे मिले, जिनमे एक ही आधार नंबर पर कई-कई लोगों को पेंशन दी जा रही थी।
जबकि 26 हजार से ज्यादा ऐसे लोग भी मिले जो हरियाणा के मूल निवासी होकर दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। करीब 45 हजार से ज्यादा पेंशनर्स ऐसे भी मिले जिन्होंने अपने आधार नंबर ही विभाग को नहीं दे रखे थे। इन गड़बडिय़ों के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने करीब 3.22 लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन अगस्त महीने से ही रोक दी है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जुलाई माह में 24,23,350 पेंशनर्स को 382 करोड़ 34 लाख 89 हजार 800 रुपए की पेंशन दी गई थी। जबकि अगस्त में करीब 3.22 लाख लोगों की पेंशन रोकने के बाद 21,21,893 लोगों को 334 करोड़ 55 लाख 86 हजार 900 रुपए की पेंशन राशि दी गई। इस तरह पेंशन में हर महीने करीब 50 करोड़ रुपए का खेल हो रहा था। एक साल में यह रकम लगभग 600 करोड़ रुपए होती है।

  • 2316944 पेंशनर्समार्च, 2017 तक पंजीकृत थे
  • 1038314पेंशनर्सके ही आधार नंबर वेरिफाइड हुए
  • 936495पेंशनके नाम आधार कार्ड और विभागीय रिकॉर्ड में मैच नहीं कर रहे हैं।
  • 179190पेंशनर्सऐसे हैं जिनमें एक ही आधार नंबर कई बार यूज
  • 91914पेंशनर्सऐसे हैं जिनकी आधार संख्या गलत दर्ज की गई है
  • 45117पेंशनर्सऐसे भी हैं जिन्होंने अभी तक भी अपना आधार नंबर नहीं दिया है।
  • 26634पेंशनर्सऐसे हैं जो दूसरे राज्यों से संबंध रखते हैं। इनसे हरियाणा का मूल निवास प्रमाण मांगा गया है।

पेंशन में बड़ी बजट राशि खपने की वजह से प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में ज्यादा सचेत हैं। इसलिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अब प्रत्येक पेंशनर्स का ई-केवाईसी करवाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रत्येक पेंशनर्स से हर साल जनवरी से मार्च के बीच एक फार्म भरवाया जाएगा। इसके लिए पेंशनर्स को 10 रुपए का शुल्क भी देना होगा। इस फार्म में आवेदक को अपनी आयु बताने के साथ ही यह भी घोषित करना होगा कि वह पेंशन लेने के लिए योग्य है। इसके साथ ही उनका बायोमैट्रिक अंगूठा और आंखों की पुतली का निशान भी लिया जाएगा। इससे उनका वेरिफिकेशन हो जाएगा कि लाभार्थी वास्तव में जीवित है। बाद में 10 रुपए का शुल्क उसे पेंशन के साथ वापस कर दिया जाएगा। ई-केवाईसी में उससे यह घोषणा भी कराई जाएगी कि अगर उसके द्वारा दिए गए तथ्य गलत पाए गए तो उससे दोगुनी राशि की वसूली के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी।

हम उम्मीद करते है की हरियाणा सरकार सिर्फ मन  लुभावन  बातें व् योजनाए ही नहीं बल्कि योजना का निर्वहन भी पूरी ईमानदारी से करे व् करवाए।

बिल का झंझट खत्म होगा, सब्सिडी से छत पर लगाइए सोलर पावर प्लांट

 

आप बढ़ते बिजली के खर्च से परेशान हैं तो इसकी चिंता छोड़ दीजिए। अब खुद बिजली बनाइए और बिजली निगम को तय कीमत में बेच दीजिए। सुनने में तो यह अटपटा लगेगा, लेकिन सरकार लोगों को कुछ ऐसी ही सुविधा दे रही है। अक्षय ऊर्जा विभाग के माध्यम से ग्रिड कनेक्टिंग पावर प्लांट योजना शुरू हुई है। इसमें घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली पैदा की जाएगी। प्लांट लगाने को सरकार 30 प्रतिशत या कम से कम 20 हजार रुपये प्रति किलोवाट की सब्सिडी भी देगी।

सौर ऊर्जा से पैदा की गई बिजली की यूनिटों को वापस बिजली निगम को बेचकर आप महीने में काफी रुपये बचा सकते हैं। बिजली निगम आपके द्वारा दी गई यूनिटों का भुगतान निर्धारित 6 से 7 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करेगा। योजना में 1 किलोवॉट से 500 किलोवॉट तक प्लांट स्थापित किया जा सकता है। मगर लोग अपने घर पर बिजली कनेक्शन के लोड की क्षमता तक का ही प्लांट स्थापित कर सकते हैं। जैसे किसी ने बिजली निगम से घर के लिए 2 किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है तो उसे 2 किलोवाट क्षमता का ही प्लांट लगाने की अनुमति मिलेगी।

हरियाणा राज्य सरकार ने रूफटॉप सौर प्लांट योजना की घोषणा की है और आवेदन ऑनलाइन माध्यम से आमंत्रित किए जा रहे हैं।

हरियाणा के लोग www.hareda.gov.in पर हरियाणा अक्षय ऊर्जा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से छत सौर संयंत्र स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नीचे ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने की पूरी प्रक्रिया है


Step 1: आधिकारिक वेबसाइट www.hareda.gov.in पर जाएं।
Step 2: दाहिनी ओर Apply Online बैनर पर क्लिक करें या सीधे इस लिंक पर जाएं।
Step 3: “लॉगिन” पर क्लिक करें और फिर “साइन अप” लिंक पर क्लिक करें।
Step 4: एक नया पृष्ठ खुल जाएगा, सभी अनिवार्य जानकारी भरें और “सबमिट करें” बटन क्लिक करें।
Step 5: “सबमिट करें” बटन पर क्लिक करने के बाद, आपको दिए गए मोबाइल नंबर पर एक OTP प्राप्त होगा, सही OTP दर्ज करें और “SUBMIT” पर क्लिक करें।
Step 6: आपका साइन अप पूरा हो गया है, अब छत सौर संयंत्र के लिए आवेदन करने के लिए लॉगिन करें


 

हरियाणा में छत सौर प्लैट योजना के तहत सब्सिडी
इस योजना के तहत राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में 30% बेंचमार्क लागत प्रदान कर रही है। सभी आवासीय, संस्थागत और सामाजिक क्षेत्र के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा 20000रु प्रति kwp निर्धारित की गयी है

रूफटॉप सौर प्लांट के क्या लाभ हैं

  • अपने बिजली बिल को 90% तक कम करें
  • 25 से अधिक वर्षों तक कोई मेंटेनन्स खर्च नहीं
  • 5 साल में आप के लगाये हुए पैसे की वापसी हो जाती है
  • कोई रखरखाव नहीं
  • लगभग 60000 रुपये- 75,000 प्रति kwp की लागत
  • बिजली बिलों में उत्पन्न कुल सौर ऊर्जा पर प्रति यूनिट -1.1.00 प्रति यूनिट तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन।
  • नेट-मीटरिंग सुविधा के माध्यम से ग्रिड को अतिरिक्त सौर बिजली की आपूर्ति करें।
  • सालाना 1500 इकाइयां kwp बिजली उत्पन्न कर सकते हैं।

छत पर सौर संयंत्र योजना की मुख्य विशेषताएं
– छत पर सौर संयंत्र लगवाने के लिए आपको लगभग 10 वर्ग  मीटर / kWp की आवश्यकता होगी।

– कोई processing/application fee नहीं।
– हरियाणा में कुछ श्रेणियों की इमारतों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना अनिवार्य है।
– इस योजना के तहत आपको अथॉरिटी से कोई स्वीकृति या अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

आप एमएनआरई या फिर हरियाणा सरकार के अनुमोदित चैनल भागीदारों में से किसी से भी अपनी छत पर सौर ऊर्जा सयंत्र लगवा सकते हैं. सौर ऊर्जा सयंत्र लगने वाली कम्पनियों की सूची www.hareda.gov.in और www.mnre.gov.in पर उपलब्ध हैं.
इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.hareda.gov.in पर आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

कैसे करें आवेदन मुख्य मंत्री विवाह शगुन योजना मे

 

हरियाणा सरकार की इस योजना को बालिकाओं के सम्मान में लागू किया जा रहा है जीस से गरीब परिवारों और विधवाओं / निराश्रित महिलाओं, खेल से जूडी हुई महिला और अनाथ लड़कियां की शादी अच्छे  से सुनिश्चित की जा की सके। इस प्रयोजन के साथ, इस योजना के अंतर्गत बेटियों के विवाह के उत्सव के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को अनुदान दिया जाता है:

  • 51000 / – रुपये का अनुदान विधवाओं को प्रदान किया गया है (आय मानदंड; एक लाख से कम वार्षिक वेतन)। इसमें से 46,000 / – रुपये की राशि का भुगतान शादी के उत्सव या उससे पहले और रु। 5000 / – का भुगतान विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के 6 महीने के भीतर किया जाना है। यदि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र 6 महीनों के भीतर जमा नहीं किया गया है तो शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • 41000 / – रुपये का अनुदान गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले एससी / डीटी परिवारों तथा विधवाओं / तलाकशुदा / निराश्रित महिलाओं, अनाथ और निराश्रित बच्चों को प्रदान किया जाता है। (आय मानदंड ; 1 लाख से कम वार्षिक आय) । इसमें से 36,000 / – रुपये की राशि का भुगतान शादी के उत्सव में या उससे पहले किया जाएगा। 5000 / – का भुगतान विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के 6 महीने के भीतर किया जाना है। यदि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र 6 महीनों के भीतर जमा नहीं किया गया है तो शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • 11000 / – रुपये का अनुदान गरीबी रेखा के नीचे रहने समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों को (एससी के अलावा) और सभी वर्ग के परिवारों (एससी / बीसी सहित) को जिन की जमीन 5 एकड़ से कम हे! या जिनकी परिवार की वार्षिक आय 1,00,000 रुपये से कम है। इसमें से रुपये की राशि 10,000 / – का भुगतान शादी के उत्सव पर या इससे पहले और रु। 1,000 / – का भुगतान विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के 6 महीने के भीतर किया जाना है। यदि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र 6 महीनों के भीतर जमा नहीं किया गया है तो शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • 31000 / – रुपये का अनुदान खेल से जूडी हुई महिला (किसी भी जाति / किसी भी आय) को प्रदान की जाती है।

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पात्रता के नियम और शर्तें

  • निवास स्थान हरियाणा होना चाइये
  • दुल्हन की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • दूल्हा की 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र होनी चाहिए।
  • किसी व्यक्ति की 2 बेटियों तक के विवाह के लिए लाभ दिया जाता है।
  • विधवा / तलाक की महिला अपने ही विवाह के लिए लाभ ले सकती है, बशर्ते उसने इस लाभ को पहले नहीं लिया है।

प्रक्रिया

आवेदक www.haryanawelfareschemes.org पर शादी की तिथि से एक महीने पहले अपने ऑन-लाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं । जिला कल्याण अधिकारी अनुदान मंजूर करेगा और भुगतान आधार बैंक खाते से किया जाएगा। पेज में कॉलम भरने के अतिरिक्त बीपीएल राशन कार्ड, माता-पिता का बैंक खाता नंबर, लड़की और लड़के की आयु संबंधी सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके अलावा विवाह के कार्ड की प्रति भी अपलोड करनी होगी।

आवेदन अगर शादी की तारीख के बाद प्रस्तुत किया जाता है, तो शगुन की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारियों इस प्रकार हैं: –

  1. शादी के एक महीने तक: जिला कल्याण अधिकारी
  2. शादी के तीन महीने बाद तक: उपायुक्त
  3. शादी के 6 माह तक: संबंधित डिवीजनल आयुक्त

 

नोट: विवाह के 6 महीनों के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।