हरियाणवी कविता: मैं छात पे खड़ा था वा भी छात पे खड़ी थी

मैं छात पे खड़ा था वा भी छात पे खड़ी थी बस नुहे मेरी उसपे नजर पड़ी थी मैं उस ओड़ मुह करके खड़ा था वा इस ओड़ मुह करके खड़ी थी पर दोनुआ के बीच में एक गड़बड़ी थी मैं अपनी […]

Tagged , , , ,
Read More

म्हारी बोली सीख के दिखा दो

कम्बल के बाल न लफूसडा कह दयां, जुत्यां न हम खोसडा कह दयां नुक्सान होवे तो याता कह दयां शादी-शुदा न ब्याहता कह दयां सास न हम सासू कह दयां आच्छे मानस न धांसू कह दयां अर ख़त न कह दयां चिठ्ठी- […]

Tagged , , , ,
Read More

हरियाणवी कविता: घरआली

  मेरी घरआली धोरै नहीं कोए जैकपोट सै, एक टूटी होड खाट मैं वा मारै लोट सै। किसे काम तै वा जी नहीं चुरावै, हर एक काम मैं कती ओन द स्पोट सै। साबत दिन खेत का काम करै, सांझ कै लावै […]

Tagged , , , ,
Read More

हरियाणवी कविता बेटी के पराई हो सै

  छोटी छोटी बात पै बेशक कितनी ए लड़ाई हो सै आदमी की सबसे बड़ी हिम्मत उसकी लुगाई हो सै पत्थर की भी छाती चीर दे सच में तारे तोड़ ल्यावे अगर मेहनतकश की सच्ची हौसला अफजाई हो सै किसे की हाय […]

Tagged , , , ,
Read More

हरियाणा की पहली महिला पायलट बनी प्रियंका

  ‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है’. ऐसा ही कुछ कर दिखाया फतेहाबाद के छोटे से गांव सूलीखेड़ा के छोटे से किसान की प्रियंका ने. बचपन में […]

Tagged , , , ,
Read More

म्हारा हरियाणा – हरियाणवी संस्कृति साहित्य व भाषा को समर्पित एक प्रयास

  क्या आप ऐसी भूमि की कल्पना कर सकते हैं जहां परिवार के धन का निर्धारण इस बात से होता है की परिवार में गायों की संख्या कितनी है! जहां हर सुबह सूरज हरी धान के खेतों पर अपनी किरणों का रंग […]

Tagged , , , ,
Read More

क्या आप जानते हैं हरियाणा में है विश्व का सबसे बड़ा हुक्का

तो दोस्तों आज आपको हम बताते हैं हरयाणा के सबसे बड़े हुक्का के बारे में; ये हुक्का कुरूक्षेत्र विश्वविद्याल को साल 2005 में यह हुक्का दान में मिला था। हरियाणा के जिला सोनीपत, गांव गोहाना निवासी 65 वर्षीय सावित्री मलिक ने इस हुक्के […]

Tagged , , , ,
Read More

बचपन का टेम (काव्य)

  बचपन का टेम याद आ गया कितने काच्चे काटया करते, आलस का कोए काम ना था भाजे भाजे हांड्या करते । माचिस के ताश बनाया करते कित कित त ठा के ल्याया करते मोर के चंदे ठान ताई 4 बजे उठ […]

Tagged , , , ,
Read More

शर्म लाज कति तार बगायी (काव्य)

  शर्म लाज कति तार बगायी या माहरे हरयाने मे किसी तरक्की आयी…! कट्ठे रह के कोए राजी कोनया ब्याह करते ए न्यारे पाटे हैं, माँ बाप की कोए सेवा नहीं करता सारे राखन त नाटे है । भाना की कोए कदर […]

Tagged , , , ,
Read More

क्या आप जानते हैं; हरियाणा के वर्तमान शहरों के प्राचीन नाम

  वर्तमान नाम – प्राचीन नाम 1. जीन्द – जयन्तपुरी 2. सोनीपत – शोणप्रस्थ 3. असन्ध – असन्धिवत 4. पिंजौर – पंचमपुर 5. महम -महेस्थ 6. हाँसी – आशी 7. पलवल – अपलवा 8. रेवाङी – रवावाङी 9. महेन्द्रगढ – कान्नौङ 10. […]

Tagged , , , ,
Read More